कोलकाता में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम के उपायों को तेज कर दिया है। विभाग ने शहर भर में फॉगिंग और घर-घर सर्वे अभियान शुरू किया है, ताकि मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान की जा सके और उन्हें नष्ट किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान प्रत्येक वार्ड में चलाया जा रहा है और स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें घरों का दौरा कर जल जमाव वाले स्थानों की जांच कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डेंगू के मामलों में पिछले कुछ हफ्तों में वृद्धि देखी गई है, जिसके चलते एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। फॉगिंग अभियान के तहत नगर निगम की टीमें नालों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और आवासीय क्षेत्रों में कीटनाशक का छिड़काव कर रही हैं। साथ ही, घर-घर सर्वे के दौरान स्वास्थ्य कर्मी लोगों को डेंगू के लक्षणों और बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास जल जमाव न होने दें, क्योंकि ठहरा हुआ पानी डेंगू मच्छर के प्रजनन का प्रमुख स्रोत है। उन्होंने कहा कि गमलों, कूलरों, टायरों और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें और नियमित रूप से सफाई करें। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए स्कूलों और कार्यालयों में भी जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू की रोकथाम में सामुदायिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि किसी को तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द या त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। सरकारी अस्पतालों में डेंगू जांच की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और आवश्यक दवाओं का भंडार सुनिश्चित किया गया है।
इस बीच, नगर निगम ने भी सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि फॉगिंग और सर्वे अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा, ताकि डेंगू के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे स्वास्थ्य कर्मियों को सर्वे में सहायता दें और किसी भी संदिग्ध स्थिति की सूचना तुरंत दें।