कोलकाता में आगामी छठ पूजा के महापर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। नगर निगम ने हुगली नदी के विभिन्न घाटों पर व्यापक स्तर पर सफाई अभियान शुरू किया है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में पूजा करने की सुविधा मिल सके। अधिकारियों के अनुसार, इस बार छठ घाटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और गोताखोरों की तैनाती जैसे महत्वपूर्ण कदम शामिल हैं।
नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हुगली नदी के किनारे स्थित प्रमुख घाटों जैसे बाबू घाट, प्रिंसेप घाट, और आउटराम घाट पर सफाई कार्य पूरी गति से चल रहा है। कीचड़ और कचरे को हटाने के साथ-साथ घाटों की सीढ़ियों की मरम्मत भी की जा रही है। इसके अलावा, रात्रि के समय श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से, नगर निगम ने घाटों पर बैरिकेडिंग लगाने का कार्य शुरू कर दिया है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके अलावा, पानी में डूबने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए अनुभवी गोताखोरों की तैनाती की जा रही है, जो पूरे अनुष्ठान के दौरान मौजूद रहेंगे। यह कदम विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पिछले वर्षों में घाटों पर सफाई और सुरक्षा को लेकर कुछ शिकायतें थीं, लेकिन इस बार नगर निगम की सक्रियता से उम्मीद है कि छठ पूजा का आयोजन सुगम और सुरक्षित होगा। कई सामाजिक संगठनों ने भी स्वयंसेवकों के माध्यम से सहयोग का भरोसा दिया है।
छठ पूजा का पर्व 17 नवंबर से शुरू होकर 20 नवंबर तक चलेगा, और नगर निगम ने सभी तैयारियों को समय पर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों ने बताया कि घाटों पर अतिरिक्त पानी के टैंकर, मेडिकल कैंप और शौचालयों की व्यवस्था भी की जाएगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।