कोलकाता नगर निगम (KMC) ने शहर के ऐतिहासिक और पुराने म्युनिसिपल बाजारों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस पहल के तहत बाजारों में अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों को अनिवार्य किया गया है और पुरानी विद्युत वायरिंग के नवीनीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया है। यह कदम बाजारों में लगने वाली आग की घटनाओं को रोकने और व्यापारियों तथा ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, शहर के कई प्रमुख बाजार जैसे न्यू मार्केट, गड़ियाहाट, बड़ाबाजार, श्यामबाजार और मानिकतला जैसे क्षेत्रों में पुरानी वायरिंग और अग्निशमन सुविधाओं की कमी लंबे समय से चिंता का विषय रही है। इन बाजारों में अक्सर भीड़भाड़ रहती है और संकरी गलियों के कारण आपात स्थिति में बचाव कार्य मुश्किल हो जाता है। इसलिए, निगम ने आधुनिक वायरिंग, सर्किट ब्रेकर, अग्निशमन यंत्र, स्मोक डिटेक्टर और आपातकालीन निकास मार्गों को सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है।
इस परियोजना के तहत पहले चरण में लगभग 20 प्रमुख बाजारों का चयन किया गया है, जहां तकनीकी सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। निगम ने बाजारों के व्यापारियों और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य को गति दी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरिंग नवीनीकरण से न केवल शॉर्ट सर्किट से होने वाली आग की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि बिजली की खपत में भी सुधार होगा और बाजारों की सुरक्षा मानकों में वृद्धि होगी।
व्यापारियों ने इस पहल का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने कार्य के दौरान व्यापार प्रभावित न होने की अपील की है। नगर निगम ने आश्वासन दिया है कि नवीनीकरण का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और व्यापारियों को असुविधा से बचाने के लिए रात्रि या कम भीड़ वाले समय में काम किया जाएगा। साथ ही, सभी दुकानदारों को अग्निशमन उपकरणों के रखरखाव और उपयोग के बारे में जागरूक किया जाएगा।
यह कदम कोलकाता के ऐतिहासिक बाजारों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नगर निगम का लक्ष्य अगले छह महीनों में चयनित बाजारों में कार्य पूरा करना है और बाद में इसे अन्य बाजारों तक विस्तारित करना है। इस पहल से बाजारों की सुरक्षा और सौंदर्यीकरण में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे शहर की व्यापारिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।